
*साईं झूलेलाल केवल जल के देवता नहीं, बल्कि चेतना के प्रकाश हैं-शेहरा वाले साईं*

खंडवा। साईं झूलेलाल केवल जल के देवता नहीं, बल्कि चेतना के प्रकाश हैं। जैसे दरिया (नदी) कभी भेद नहीं करता और सबको जीवन देता है, वैसे ही लाल साईं का प्रेम हर प्राणी के लिए एक समान है। जो शरण में आए, उनका उद्धार निश्चित है। नाम जप और सच्ची निष्ठा से जीवन के सारे संताप मिट जाते है। दरिया शाह भगवान श्री झुलेलाल जी पर अटूट विश्वास रखो, तुम्हारी झोली कभी खाली नहीं रहेगी। यह अमृतवाणी वर्षा सिंधी कॉलोनी स्थित प्राचीन श्री झूलेलाल मंदिर में भावनगर से पधारे शेहरा वाले साईं जी व्दारा दिव्य प्रवचन, सत्संग के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित जन समुदाय पर की। यह जानकारी देते हुए समर्थ पैनल अध्यक्ष प्रदीप कोटवानी एवं प्रवक्ता निर्मल मंगवानी ने बताया कि नगर में सिंधी समुदाय द्वारा चालिहा साहब का व्रत बड़ी श्रद्धा आस्था के साथ रखा जा रहा है। जहाँ विभिन्न समुदायों के भक्त झूलेलाल साहिब का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। शेहरा वाले साईं जी ने सत्संग और प्रवचनों के दौरान आत्मिक शांति, भक्ति और भगवान झूलेलाल साईंजी की महिमा पर विशेष प्रकाश डाला। इस आयोजन के दौरान मंदिर परिसर आयो झूलेलाल, सबहीं जा बेड़ा पार’ के गगनभेदी जय कारों से गूंजा मन हुआ। इस दौरान सिंधी समाज के साथ-साथ अन्य जातियों और समुदायों के लोग भी बड़ी संख्या में श्रद्धापूर्वक शामिल हुए। सत्संग की समाप्ति के बाद पल्लव साहिब और महाप्रसाद का आयोजन हुआ। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष सर्व श्री मोहन दीवान, मनोहरलाल, संजय सबनानी, हरीश आसवानी, किशनचंद कोटवानी, निर्मल मंगवानी, पवन डेम्बरा, धर्मदास उधलानी, रवि गिदवानी, जितेंद्र उदासी, पवन वासवानी, विक्रम सहजवानी, प्रदीप कोटवानी, रजत मंगवानी, रामचन्द्र वासवानी, चंदू वाधवा, मनीष, नरेश, किशोर लालवानी, करण जिंदानी, कमलेश हीरानी, गिरीश वासवानी, अशोक मंगवानी, कमल बजाज, संजय, हितेश लालवानी, आशीष राजानी, रोहित आर्तवानी, किशोर मंगवानी, सागर सचदेव, हन्नी मेधवानी, अश्विन बसंतवानी, श्री झूलेलाल नवयुवक मंडल एवं श्री झूलेलाल समर्थ पैनल के समस्त सदस्य पदाधिकारीगणों के साथ माता बहनों आदि सहित समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।











